पीड़ित बच्ची, माता-पिता मुकरे, अदालत ने फिर भी दुष्कर्मी को सुनाई 14 साल कैद की सजा

आगरा में स्पेशल जज (पोक्सो एक्ट) वीके जायसवाल ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले सफाई कर्मचारी गौरु उर्फ गौरव वाल्मीकि को मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर 14 साल कारावास की सजा सुनाकर नजीर पेश की है। दोषी को डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड भी देना होगा। 


इस केस में बच्ची, उसके माता और पिता ने अदालत में घटना का समर्थन नहीं किया था। गौरू के वकील ने यह भी दलील दी थी कि मेडिकल रिपोर्ट में मामला दुष्कर्म के प्रयास का लगता है। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि दुष्कर्म किसी भी हद तक किया जाए, वो दुष्कर्म ही है।

घटना 17 अक्टूबर 2017 को लोहामंडी क्षेत्र में हुई थी। बच्ची सामान लेने के लिए परचून की दुकान पर जा रही थी। पड़ोस का गौरू उसे अपने साथ घर ले गया था। बच्ची के माता-पिता उसके घर पहुंचे तो वो उससे दुष्कर्म कर रहा था। उसे मौके से पकड़ा गया था। उसे जेल भेज दिया गया। जमानत नहीं हुई।